रायपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर प्रवास के दौरान पुनर्वास केंद्र पहुंचकर हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा से जुड़े युवाओं से मुलाकात की।
दोनों मंत्रियों ने युवाओं से केंद्र में मिल रही सुविधाओं, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने युवाओं को विकास कार्यों में सहभागी बनने और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
दस्तावेज और योजनाओं की ली जानकारी
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों और सरकारी योजनाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर पुनर्वासित युवक-युवती को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है।
पूर्व साथियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील
उप मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने पूर्व साथियों को भी हिंसा छोड़कर पुनर्वास योजना का लाभ लेने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शांति और विकास ही बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का रास्ता है।
सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
युवाओं ने खेती के लिए सिंचाई सुविधा की जरूरत बताई। इस पर उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहीद परिवारों और पुनर्वासित युवाओं के खेतों का सर्वे कराकर सिंचाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे खेती से स्थायी आजीविका प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कौशल विकास प्रशिक्षण की भी सराहना की, जिसमें महिलाएं मोटर वाहन चलाने जैसे प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
बस्तर में शांति और विकास का नया दौर: केदार कश्यप
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर अब शांति, विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले युवाओं ने बदलाव की शुरुआत की है। उन्होंने सभी से क्षेत्र के विकास में सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने देश और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अब मिलकर बस्तर को नई पहचान देने का समय है।
इस अवसर पर प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।