धमतरी। ग्राम केकराखोली के युवा पुरुषोत्तम राम मरकाम ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के सहारे अपनी 80 डिसमिल निजी जमीन पर आधुनिक मछलीपालन का सफल व्यवसाय स्थापित कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। 17 लाख रुपये की सरकारी सहायता और 8 लाख रुपये के निजी निवेश से बनाए गए अत्याधुनिक फिश टैंकों में अब करीब 10 टन मछली तैयार है, और मात्र 2 क्विंटल मछली की बिक्री से उन्हें 40 हजार रुपये की आय हुई।
पुरुषोत्तम ने पारंपरिक तरीके की बजाय बायो-फ्लॉक और आरएएस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पंगेसियस और रूपचंदा जैसी प्रजातियों का पालन शुरू किया। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई, बल्कि गाँव के 8 से 10 लोगों को नियमित रोजगार भी मिला।
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पुरुषोत्तम के एक्वा हब का निरीक्षण कर उनके प्रयासों की सराहना की। पुरुषोत्तम का अगला लक्ष्य स्थानीय स्तर पर मछली फीड उत्पादन इकाई स्थापित करना है, जिससे अन्य मत्स्य पालकों की लागत कम होगी और नए रोजगार अवसर पैदा होंगे।
पुरुषोत्तम ने कहा, सही हुनर और सरकारी प्रोत्साहन के साथ ग्रामीण क्षेत्र से भी सफलता और आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है। मेरी इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की योजनाओं और परिवार के सहयोग को जाता है।