जिला संघर्ष समिति के आह्वान पर शक्ति नगर रहा बंद, अग्रसेन चौक एवं प्रमुख मार्गों में आयोजकों द्वारा लगाए गए काले झंडे

नवीन अस्थाई जिला मुख्यालय को शक्ति में प्रारंभ करने को लेकर करवाया गया शहर बंद

किसी भी अप्रिय घटना से निपटने पुलिस प्रशासन चौक चौराहों पर लगी रही भारी संख्या में तैनात

जिला कार्यालय के मुख्यालय को लेकर आपस में ही बटे नागरिक, बाराद्वार शहर के नागरिकों ने कहा– जेठा में जिला मुख्यालय प्रारंभ करने का निर्णय उचित

सकती-छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शक्ति को 15 अगस्त 2021 को नवीन जिले का दर्जा प्रदान करने के बाद शक्ति में ओएसडी की नियुक्ति कर जिला गठन के कार्य को शासन द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है, तथा विगत दिनों जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने नवीन शक्ति जिले के अस्थाई जिला कार्यालय को जेठा के सरकारी कॉलेज में प्रारंभ करने के आदेश जारी किए थे,तथा कलेक्टर के आदेश जारी होने के बाद जहां शहर वासियों ने इस बात को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन किया कि जिला मुख्यालय का अस्थाई कार्यालय शक्ति शहर एवं शहर के आसपास के क्षेत्र में ही होना चाहिए,जिससे शहर वासियों एवं जिले के सभी चारों विकास खंडों के लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके तथा इस संदर्भ में सर्वदलीय मंच द्वारा जिला संघर्ष समिति के बैनर तले शहर में बैठकों का आयोजन कर 9 जून को शहर बंद का आह्वान किया गया था

जिसे देखते हुए प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने भी किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करवाई तथा आज 9 जून को सुबह से ही जिला संघर्ष समिति के सदस्य शहर के विभिन्न मार्गो में छोटे- बड़े प्रतिष्ठानों को लोगों से आग्रह करते हुए बंद करवाते नजर आए तथा चौक- चौराहों पर भी पुलिस प्रशासन काफी संख्या में तैनात था,एवं अग्रसेन चौक शक्ति में जिला संघर्ष समिति द्वारा काले झंडे भी लगाए गए हैं,तथा प्रमुख मार्गों के किनारे भी काले झंडे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है

वही अब देखना होगा कि जिला संघर्ष समिति के आव्हान पर शहर बंद का कितना प्रभाव प्रशासन पर पड़ता है, एवं प्रशासन ने तो जेठा के सरकारी कॉलेज में प्रथम जिला कार्यालय के प्रारंभ करने की लगभग तैयारियां कर ली है, ऐसा सूत्र बताते हैं

एवं 8 जून को नवीन शक्ति जिले की ओएसडी नूपुर राशि पन्ना ने भी अपने नवीन शक्ति जिले के चारों विकास खंडों के सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ जेठा के सरकारी कॉलेज में ही बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं,साथ ही प्रशासनिक तैयारियों को देखकर ऐसा लगता है कि प्रशासन पूरी तरह से जेठा के ही कॉलेज में जिला कार्यालय प्रारंभ करने को अंतिम रूप दे चुका है, तथा जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर द्वारा 25 कर्मचारियों को प्रारंभिक चरण में नवीन शक्ति जिले के लिए नियुक्त करते हुए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है

वहीं दूसरी ओर शक्ति शहर में 9 जून के बंद को लेकर आपस में ही मतभिन्नताए देखी गई, एवं 8 जून को जहां राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जेठा में जिला मुख्यालय का समर्थन करते हुए व्यापारियों से बंद न करने का भी आग्रह किया गया, तो वहीं वर्तमान शक्ति में जिला कार्यालय के अस्थाई मुख्यालय को लेकर अगर इसी तरह से नागरिक एवं राजनीतिक दल तथा संस्थाएं आपस में बटी रहेंगी,तो ऐसा नहीं लगता कि शहरवासियों की भावनाओं का ध्यान प्रशासन रखेगा, अगर एकजुट होकर किसी भी निर्णय पर सभी एकमत होंगे तभी शहर हित में आगे कोई भी कार्य होगा

वहीं दूसरी ओर शक्ति शहर में 9 जून के बंद को लेकर विभिन्न स्वयंसेवी, धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक एवं मालखरौदा तथा जैजैपुर विकास खंडों के भी संस्था के प्रतिनिधि बंद के समर्थन में सहयोग करते नजर आए तथा बाराद्वार शहर जो कि नवीन शक्ति जिले के अंतर्गत आता है, वहां भी व्यापारी एवं आम नागरिक बैठकों का आयोजन कर जेठा के जिला मुख्यालय को अपना समर्थन देने में लगे हुए हैं, एवं 8 जून की देर रात्रि भी बाराद्वार शहर में सर्वदलीय बैठक का आयोजन कर जेठा के मुख्यालय को अपना समर्थन दिया गया तथा बाराद्वार शहर वासियों का कहना है कि जेठा सभी दृष्टिकोण से उचित स्थल है एवं शासन के इस आदेश का हम सभी समर्थन करते हैं

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