“अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस” के अवसर पर किरंदुल की समस्त मातृशक्तियों के उत्साहवर्धन हेतु मेटल माइन्स वर्कर्स यूनियन (इंटक) शाखा किरन्दुल के तत्वाधान में 8 मार्च को इंटक भवन किरंदुल के सभाकक्ष में केक बनाओ प्रतियोगिता तथा भवन के समक्ष रस्सा खींच प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इससे पूर्व रंगोली तथा म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था। इन सभी प्रतियोगिताओं में नगर परिवार की प्रत्येक आयु वर्ग की छात्राओं, गृहणियों द्वारा अपनी प्रतिभा तथा अभिव्यक्ति को आकर्षक रंगोली एवं स्वादिष्ट केक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। केक प्रतियोगिता के निर्णायक गण सुविख्यात शेफ प्रतिमा पाल, शुभम दत्ता, आनंद साय पाल थे। ततपश्चात मातृशक्तियों के दो समूहों के मध्य रस्सा खींच प्रतियोगिता आयोजित की गई। मातृशक्तियों कि शक्ति के आगे मजबूत रस्सा भी नतमस्तक हो गया और मध्य से विखंडित होने के कारण दोनों दलों को विजयी घोषित कर कुल 10000/- नगद पुरस्कार दिया गया। ततपश्चात मातृशक्तियों की जागरूकता एवं शक्ति की प्रतीक स्वरूप विशाल मशाल रैली निकाली गई। संध्या सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। विजयी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि अनुविभागीय अधिकारी अरुण सोम, विशिष्ट अतिथि शा अरविंद महाविद्यालय की प्राचार्य शारदा दर्रो, मीना मंडावी, कश्यप, नीति सिंह के करकमलों से पुरस्कृत किया गया।

स्वागत उद्बोधन सचिव ए के सिंह द्वारा दिया गया। रंगोली प्रतियोगिता में शारदा करताम, रीना वासु साहू, अनन्या यादव, त्रिवेणी सोमला को क्रमशः प्रथम द्वितीय, तृतीय तथा 18 अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार स्नेहा पात्रे, द्वितीय संगीता साहू, तृतीय दीप्ति साहू को दिया गया। केक बनाओ प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार रू 3001/- सीता शर्मा, द्वितीय रु 2001/- उषा साहू तथा रु 1001/- को नगद पुरस्कृत किया गया, शेष 10 प्रतिभागियों को आकर्षक सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सभी प्रतिभागियों को मेटल माइन्स वर्कर्स यूनियन शाखा किरंदुल के अध्यक्ष विनोद कश्यप, सचिव ए. के. सिंह द्वारा बधाई दिया गया। मंच संचालन कार्यालय सचिव राजेन्द्र यादव ने किया तथा सांस्कृतिक समारोह के दौरान बीच -बीच में मातृशक्तियों से सम्बंधित प्रश्नमंच का आयोजन कर, सहीं जवाब देने वाले प्रतिभागियों को तत्काल पुरस्कार प्रदान किया गया। दो दिवसीय भव्य आयोजन को सफल बनाने में यूनियन के समस्त मातृशक्तियों, सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

