अन्तराष्टतीय अग्रवाल सम्मेलन एवं रेडियो मेरी आवाज ने मिलकर प्रारंभ किया कार्बन क्रेडिट कैंपेन
वर्तमान समय में प्रदूषित पर्यावरण को देखते हुए हम सभी को करना होगा इस कार्बन क्रेडिट कैंपेन अभियान में सहयोग
सक्ती-अंतरराष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन की उपाध्यक्ष (गल्फ) से मीनल शाह देवरा ने एक सकरात्मक पहल की है, अंतराष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल के मार्गदर्शन में इस प्रचार जागरूकता कैंपेन का नाम है कार्बन क्रेडिट कैंपेन, जो कि लिटिल हेल्प रेडियो मेरी आवाज़ और शिक्षिका आगाज़ के साथ मिलकर किया जा रहा है
उल्लेखित हो कि कार्बन क्रेडिट कैंपेन पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए देश-विदेश में एक मुहिम के रुप मे चल रहा है,इस संबध में देवरा कहती है कि लिटिल हेल्प ट्रस्ट, भारत अपनी सहयोगी संस्थाओं शैक्षिक आगाज़ एवं रेडियो मेरी आवाज के साथ इस बार नए साल की शुरुआत एक अनोखे जागरूकता अभियान के साथ करने जा रहा है, जिसका नाम है “कार्बन क्रेडिट कैंपेन”। लिटिल हेल्प ट्रस्ट की संस्थापिका सुश्री समृद्धि चौधरी ने बताया कि कोरोना काउंट में हमें ऑक्सीजन की महत्ता का बखूबी आकलन हुआ। ताउम्र पैसे की बचत करने के बाद भी हम हमारे अपनों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं कर पाए,इसलिए हमने इस जागरूकता अभियान के साथ नए साल की शुरुआत करने का लक्ष्य लिया है। संस्था की राष्ट्रीय संयोजक सुश्री सृष्टि चौधरी ने बताया कि हमारी गाड़ी एक घंटा सड़कों पर चलते हुए लगभग 6 लोगों की पूरे दिन की ऑक्सीजन को डीजल पेट्रोल जलाने में इस्तेमाल करती है,या एक व्यक्ति की 6 दिन की सांस लेने वाली ऑक्सीजन एक घंटा गाड़ी में पेट्रोल- डीजल जलने से खर्च हो जाती है। हम विलासिता पूर्ण जीवन जीते हुए अनावश्यक रूप से रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी अपने व्हीकलस और गाड़ियों का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे हमारे स्वास्थ्य पर तो बुरा प्रभाव पड़ ही रहा है साथ साथ हमारे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है और ऑक्सीजन की मात्रा कम होती जा रही है, जिसके कारण हमारे रक्त में भी ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। शरीर में कम ऑक्सीजन बेचैनी, चिड़चिड़ापन, नींद आना, सोचने समझने और निर्णय लेने की क्षमता में कमी के साथ-साथ हृदय रोगों की संभावना को भी बढ़ा देती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सदी के अंत 2100 तक कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा आज से तीन गुना हो जाएगी, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव हमारे आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर दिखाई देगा। बढ़ता हुआ वैश्विक तापमान, जलवायु परिवर्तन या आसान शब्दों में कहें तो प्रदूषण को नियंत्रित करना और वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा को बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण करना ही एकमात्र उपाय नहीं है,क्योंकि इंसानी क्रियाकलापों से निकली हुई सारी कार्बन डाइऑक्साइड को पौधे सोख कर वातावरण को पूरी तरह शुद्ध नहीं कर सकते।

दोनों बहनों की जोड़ी समृद्धि चौधरी और सृष्टि चौधरी का कहना है कि क्यों ना हम अपने दैनिक क्रियाकलापों में कुछ परिवर्तन करके अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण को सही करने के लिए एक कदम उठाएं इससे हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी हम स्वस्थ आदतों के साथ साफ और स्वच्छ वातावरण दे सकेंगे। संस्था के साथ जुड़े हुए समस्त देश और विदेश के सदस्य 21 दिसंबर से 31 दिसंबर तक अपने परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और सहयोगियों को इसके लिए शपथ दिलाई जा रही है, कि हम सभी नए साल के पहले दिन अपने टू व्हीलरस और फोर व्हीलरस का इस्तेमाल नहीं करेंगे, अपने सभी कार्य पैदल या साइकिल के द्वारा, ओर अधिक आवश्यक हुआ तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगें । सभी संस्था सदस्य और अन्य सहयोगी संस्थाएं अपने-अपने शहरों में जागरूकता हेतु शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। रेडियो मेरी आवाज की ग्लोबल कोऑर्डिनेटर मीनल शाह देवरा ने बताया कि इस अनोखे जागरूकता कार्यक्रम में साथ देने के लिए देश-विदेश की अनेक संस्थाएं आगे बढ़कर अपना साथ दे रही हैं जो कि इस कार्यक्रम की सफलता की सूचक है। संस्था की संरक्षिका और शैक्षिक आगाज़ की संस्थापिका स्मृति चौधरी ने बताया कि लिटिल हेल्प ट्रस्ट, शैक्षिक आगाज़ रेडियो मेरी आवाज को संकल्पित किया और संस्थाएं 2022 में भी अपने सामाजिक जन जागरूकता अभियानों को जमीनी स्तर पर लागू करने और लोगों को जागरूक करने के प्रति वचनबद्ध है,इस कार्य के लिए मीनल शाह देवरा और उनकी टीम की जितनी तारीफ़ की जाए उतना कम है