अमरावती । आंध्र प्रदेश के अन्नमय्या जिले में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंच से वित्त मंत्री भीड़ को शांत कराने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। जब भीड़ शांत नहीं होती तो मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू माइक संभालकर लोगों से शांत रहने की अपील करते दिखाई देते हैं।
घटना के बाद वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। कांग्रेस ने इसे सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी बताया, जबकि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दावे को खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने लगाया जनता की नाराजगी का आरोप
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वित्त मंत्री के सामने लोगों की नाराजगी दिखाई दे रही थी और मुख्यमंत्री को भीड़ को शांत कराना पड़ा।
निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जयराम रमेश के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कार्यक्रम में मौजूद लोग मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से बातचीत करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने लोगों को कार्यक्रम खत्म होने के बाद मिलने की बात कही थी।
सीतारमण ने कांग्रेस के दावे को जल्दबाजी में निकाला गया निष्कर्ष बताया और कहा कि मामले की वास्तविक स्थिति अलग थी।
CM नायडू बोले- ‘यह जनता का गुस्सा नहीं, उत्साह था’
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि घटना को जनता के गुस्से के तौर पर पेश करना वास्तविकता के बिल्कुल विपरीत है।
नायडू के मुताबिक, कार्यक्रम में लोगों की प्रतिक्रिया जबरदस्त उत्साह और समर्थन वाली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है।
आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने भी जयराम रमेश पर निशाना साधते हुए कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे नेताओं को किसी वीडियो या घटना पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए।
क्या हुआ था कार्यक्रम में?
यह घटना 2 अक्टूबर को मदनपल्ले में आयोजित ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हुई। मंच पर निर्मला सीतारमण के अलावा मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, नारा लोकेश, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और उद्योगपति अनंत अंबानी समेत कई लोग मौजूद थे।
वित्त मंत्री जब तेलुगु में संबोधन कर रही थीं, तभी भीड़ की ओर से कुछ आवाजें आने लगीं। हालांकि वायरल वीडियो में यह स्पष्ट नहीं है कि भीड़ की ओर से वास्तव में क्या कहा जा रहा था। इसी घटना को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।