टखना मुड़ने के बावजूद मुरली श्रीशंकर ने जीता सिल्वर पारुल चौधरी के नाम ब्रॉन्ज

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में 28 सितंबर का दिन भारतीय एथलीट्स के लिए शानदार रहा। भारत ने एथलेटिक्स में दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज समेत चार पदक अपने नाम किए। लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने चोटिल होने के बावजूद सिल्वर मेडल जीता, जबकि गुलवीर सिंह ने 1500 मीटर में सिल्वर पदक हासिल किया। वहीं पारुल चौधरी ने 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

टखना मुड़ने के बाद भी श्रीशंकर ने जीता सिल्वर

मुरली श्रीशंकर नागोया एशियन गेम्स में अपने पिछले सिल्वर मेडल का रंग बदलने के इरादे से उतरे थे। उन्होंने दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर की छलांग लगाई। उनका तीसरा प्रयास फाउल रहा।

मुकाबले के दौरान लगातार बारिश के कारण ट्रैक पर पानी भर गया था। चौथे प्रयास में श्रीशंकर का टखना मुड़ गया और वह दर्द में नजर आए। मेडिकल टीम ने उनका उपचार किया, लेकिन वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। चोट के कारण वह अपने बाकी दोनों प्रयास नहीं कर सके।

हालांकि, उनका 8.07 मीटर का प्रदर्शन उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। चीन के शी युहाओ ने 8.17 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। श्रीशंकर और गोल्ड के बीच महज 10 सेंटीमीटर का अंतर रहा।

गुलवीर सिंह का दूसरा सिल्वर

गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में 3:36.72 मिनट का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता। यह इन एशियन गेम्स में गुलवीर का दूसरा सिल्वर पदक है। इससे पहले उन्होंने 10,000 मीटर दौड़ में भी सिल्वर जीता था।

1500 मीटर का गोल्ड जापान के काजुतो ईजावा ने जीता। उन्होंने 3:36.35 मिनट का समय निकालकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। जापान के ही नागिया मोरी ने 3:37.92 मिनट के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

भारत के एक अन्य धावक यूनुस शाह 3:43.88 मिनट के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे।

पारुल चौधरी ने 5000 मीटर में जीता ब्रॉन्ज

महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में पारुल चौधरी ने 15:14.61 मिनट का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में पारुल का लगातार दूसरा पदक है। उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में इसी इवेंट का गोल्ड मेडल जीता था।

नागोया एशियन गेम्स में यह पारुल का दूसरा पदक है। इससे पहले वह 3000 मीटर स्टीपलचेज में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। इस स्पर्धा में उन्होंने 9:08.67 मिनट का समय निकालकर अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया था।

अविनाश साबले पांचवें स्थान पर रहे

पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में भारत के अनुभवी एथलीट अविनाश साबले अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके। उन्होंने 8:21.67 मिनट का सीजन-बेस्ट प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा।

28 सितंबर को मिले इन चार पदकों के साथ भारतीय एथलीट्स ने एशियन गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखा। खास तौर पर चोट के बावजूद श्रीशंकर की पदक जीत और गुलवीर सिंह के दूसरे सिल्वर ने भारत के एथलेटिक्स अभियान को मजबूती दी।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *