गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक कैफे में कथित तौर पर घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और हर महीने 50 हजार रुपये की मांग करने का मामला सामने आया है। कैफे संचालिका की शिकायत के आधार पर हिंदू रक्षा दल से जुड़े बताए जा रहे चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
मामला इंदिरापुरम इलाके के डी-मॉल स्थित वलाला कैफे का है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ लोग कैफे के अंदर दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति देर रात कैफे खुले होने पर सवाल उठाता है और वहां मौजूद लोगों से अंदर जाने को कहता नजर आता है। वीडियो में कैफे में शराब और हुक्का परोसे जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की जांच की जा रही है और अभी इनकी पुष्टि नहीं हुई है।
कैफे संचालिका ने लगाए गंभीर आरोप
कैफे संचालिका हरलीन कौर ने आरोप लगाया कि हिंदू रक्षा दल से जुड़े कुछ लोग पहले भी उनके कैफे में आते रहे हैं। उनका दावा है कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर बिना भुगतान किए खाना लिया और स्टाफ के साथ अभद्रता की।
संचालिका के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले कुछ हथियारबंद लोग कैफे में पहुंचे और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्होंने विरोध किया तो कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे हर महीने 50 हजार रुपये देने की मांग की गई।
संचालिका ने पुलिस को व्हाट्सऐप चैट, भुगतान से जुड़े स्क्रीनशॉट, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड समेत कई साक्ष्य उपलब्ध कराने का दावा किया है।
चार लोगों के खिलाफ FIR
कैफे संचालिका की शिकायत के बाद दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित, सौरभ पंडित और अमित पहलवान के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। DCP ट्रांस हिंडन ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कैफे में उस रात वास्तव में क्या हुआ था और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
देर रात कैफे खुलने और शराब-हुक्का के दावों की भी जांच
वायरल वीडियो में कैफे के देर रात तक खुले रहने और शराब-हुक्का परोसे जाने को लेकर सवाल उठाए गए थे। इंदिरापुरम ACP सूर्यबली मौर्य के मुताबिक, इन दावों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कैफे संचालिका ने अपने आरोपों को लेकर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।