पंडालों में बिजली सुरक्षा को लेकर CSPDCL अलर्ट, आयोजन समितियों से सावधानी बरतने की अपील

तिल्दा नेवरा। गणेश उत्सव और दुर्गोत्सव के दौरान पूजा पंडालों में विद्युत सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) तिल्दा ने आयोजन समितियों और आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। कंपनी ने विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए पंडालों में बिजली व्यवस्था करते समय निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।

CSPDCL ने कहा है कि पंडाल, झंडे, होर्डिंग और धातु के ढांचे बिजली की लाइनों और विद्युत खंभों से सुरक्षित दूरी पर लगाए जाएं। इन्हें बिजली के तारों के ठीक नीचे या बेहद करीब लगाने से गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

अधिकृत इलेक्ट्रीशियन से कराएं वायरिंग

आयोजन समितियों को पंडाल की पूरी विद्युत वायरिंग किसी अधिकृत और प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से ही कराने की सलाह दी गई है। कटे-फटे, जले हुए या खुले तारों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। सभी कनेक्शन और वायरिंग की अच्छी तरह जांच करने के बाद ही विद्युत आपूर्ति शुरू करने पर जोर दिया गया है।

ओवरलोडिंग से बचना जरूरी

पंडालों में बड़ी संख्या में लाइट, पंखे और साउंड सिस्टम लगाए जाते हैं। ऐसे में एक ही सॉकेट या विद्युत लाइन पर क्षमता से अधिक उपकरण चलाने से तार गर्म होने, शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए विद्युत भार के अनुरूप ही कनेक्शन और वायरिंग की व्यवस्था करने की अपील की गई है।

बारिश और नमी में बरतें अतिरिक्त सावधानी

बारिश और नमी के दौरान करंट लगने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। CSPDCL ने विद्युत उपकरणों, प्लग, सॉकेट और एक्सटेंशन बोर्ड को पानी से सुरक्षित रखने की सलाह दी है। गीले हाथों से किसी भी विद्युत उपकरण को नहीं छूना चाहिए। पंडालों में बिजली की पूरी व्यवस्था को बारिश और नमी से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने पर भी जोर दिया गया है।

सुरक्षा जांच को बनाया जाए प्राथमिकता

CSPDCL तिल्दा उपसंभाग के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने सभी आयोजन समितियों से पंडाल निर्माण के दौरान विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि आयोजन शुरू होने से पहले पंडाल की पूरी विद्युत व्यवस्था की अनिवार्य रूप से जांच करा ली जाए।

उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर विद्युत दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए आयोजन समितियों को बिजली से जुड़े सुरक्षा नियमों का विशेष रूप से पालन करना चाहिए, ताकि उत्सव सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

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