रायपुर । सरगुजा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 5,596 परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हुआ। जिले के विभिन्न विकासखंडों में एक साथ गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान हितग्राही परिवारों के चेहरों पर अपने नए आशियाने की खुशी साफ नजर आई।
आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के ग्राम पंचायत गोरता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने हितग्राहियों के नए आवासों में विधिवत पूजा-अर्चना और फीता काटकर गृह प्रवेश कराया। साथ ही हितग्राही परिवारों को प्रतीकात्मक रूप से ‘खुशियों की चाबी’ सौंपकर उन्हें नए घर के लिए शुभकामनाएं दीं।
पक्का घर सिर्फ मकान नहीं, सुरक्षित भविष्य की नींव
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पक्का आवास केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं है, बल्कि यह परिवार के सम्मान, सुरक्षा और स्थायी भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने हितग्राहियों से संवाद करते हुए अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित किया और अधिकारियों को निर्माण कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के निर्देश दिए।
गोरता में जुगेंद्र राजवाड़े और उनकी पत्नी फूलमती सहित अन्य हितग्राहियों को भी नए आवास की चाबी दी गई। घर की चाबी मिलते ही परिवारों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। हितग्राहियों ने पक्का घर मिलने पर शासन और प्रशासन के प्रति आभार जताया।
सात विकासखंडों में 5,596 आवासों में गृह प्रवेश
सरगुजा जिले में कुल 5,596 आवासों में गृह प्रवेश हुआ। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 4,967, प्रधानमंत्री जनमन योजना के 398 और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 231 आवास शामिल हैं।
विकासखंडवार देखें तो अंबिकापुर में 1,235, बतौली में 737, लखनपुर में 1,033, लुंड्रा में 685, मैनपाट में 577, सीतापुर में 626 और उदयपुर में 703 आवासों में गृह प्रवेश कराया गया।
ग्रामीण परिवारों के लिए नई शुरुआत
इन आवासों के पूरा होने से हजारों ग्रामीण परिवारों को पक्की छत और सुरक्षित आवास मिला है। लंबे समय से अपने पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए गृह प्रवेश का यह अवसर नई उम्मीद, सम्मान और स्थायित्व लेकर आया।
प्रशासन की ओर से अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा करने और पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह अभियान सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण विकास को मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।