मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के दान, चढ़ावे और कीमती वस्तुओं से जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत जांच और वित्तीय ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
ACS स्तर के अधिकारी करेंगे निगरानी
सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को जांच प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारी से जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि पांच वर्षों में मंदिर ट्रस्ट को कितना दान और चढ़ावा प्राप्त हुआ, उसका रिकॉर्ड किस तरह रखा गया और राशि व अन्य कीमती वस्तुओं का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया। संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
राज ठाकरे ने लगाए थे गंभीर आरोप
यह मामला तब चर्चा में आया जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। ठाकरे ने दावा किया था कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे में से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये के गबन की आशंका है।
हालांकि, इन आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। सरकार द्वारा अब पांच साल के रिकॉर्ड का ऑडिट कराने के फैसले से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने CM से की थी मुलाकात
इस विवाद के बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर और कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात भी की थी। अब सरकार के जांच के आदेश के बाद मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन और चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच होगी।