जम्मू | जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक पार्टी छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन भाजपा सरकार गिराने या विधायकों को तोड़कर सत्ता बनाने की राजनीति नहीं करेगी।
सुनील शर्मा ने कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में सरकार तभी बनाएगी, जब उसे जनता का स्पष्ट जनादेश मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी तरह की राजनीतिक तोड़फोड़ के जरिए सत्ता हासिल करने में विश्वास नहीं रखती।
20 जुलाई को बीजेपी की रैली
भाजपा ने 20 जुलाई को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार के खिलाफ रैली आयोजित करने की घोषणा की है। रैली से पहले दिए गए सुनील शर्मा के बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
सरकार पर लगाए कई आरोप
सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार युवाओं के अधिकारों की अनदेखी कर रही है और आउटसोर्सिंग के माध्यम से पक्षपातपूर्ण तरीके से नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार, पंचायत चुनाव नहीं कराए जाने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों को लेकर सरकार को बेनकाब करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।
धारा 370 और अन्य मुद्दों का किया उल्लेख
भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी ने जिन मुद्दों पर पहले अपना रुख स्पष्ट किया था, जैसे अनुच्छेद 370, अनुच्छेद 35A और राष्ट्रविरोधी संगठनों पर कार्रवाई, उन पर अब सरकार भी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान परिस्थितियों में भाजपा को सरकार बनाने की कोई जल्दबाजी नहीं है।
हालांकि, सुनील शर्मा के इन दावों पर अब तक नेशनल कॉन्फ्रेंस या मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।