महाराष्ट्र में बड़ा सियासी मोड़! शरद पवार गुट की फडणवीस से बातचीत, महिला आरक्षण बिल पर नरम पड़े तेवर

मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ में बंद कमरे में बैठक हुई, जिसके बाद महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर एनसीपी के रुख में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी अब महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन कर सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

‘वर्षा’ में हुई करीब एक घंटे बैठक

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में एनसीपी (शरद पवार) के नेता जयंत पाटील, एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे मौजूद थे। बैठक करीब एक घंटे तक चली।

सूत्रों का दावा है कि यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब शरद पवार गुट के भीतर राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पार्टी के कई विधायकों के एनडीए के साथ जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।

जयंत पाटील ने बताई मुलाकात की वजह

हालांकि जयंत पाटील ने मुख्यमंत्री से मुलाकात को अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र के एक नगराध्यक्ष नागराज दीक्षित को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।

जयंत पाटील ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने पूरे मामले की जानकारी रखी और फडणवीस ने जांच कर दो दिन में जानकारी देने की बात कही है।

एनसीपी में बढ़ी अंदरूनी हलचल

महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से एनसीपी (शरद पवार गुट) के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं। पार्टी के पास 10 विधायक और 8 सांसद हैं। ऐसे में विधायकों और सांसदों को एकजुट रखना शरद पवार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी में संभावित टूट को रोकने और राजनीतिक समीकरण साधने के लिए महिला आरक्षण बिल पर समर्थन देने की रणनीति पर विचार किया जा सकता है।

महिला आरक्षण बिल पर सरकार को मिल सकता है फायदा

संसद के आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। अगर एनसीपी (शरद पवार गुट) इसका समर्थन करती है, तो सरकार के लिए विधेयक पारित कराना आसान हो सकता है।

हालांकि, महाराष्ट्र की इस सियासी मुलाकात के बाद अब सभी की नजरें शरद पवार के अगले कदम और एनसीपी के आधिकारिक रुख पर टिकी हैं।

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