नई दिल्ली। दिल्ली सरकार पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में राजधानी में भव्य स्मारक विकसित करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने आजादपुर गोलचक्कर पर अटल बिहारी वाजपेयी की 15 फीट ऊंची और करीब 1,500 किलोग्राम वजनी कांस्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना बनाई है। सरकार का लक्ष्य अगले तीन महीनों के भीतर इस परियोजना को पूरा करना है।
प्रतिमा के साथ होगा क्षेत्र का सौंदर्यीकरण
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिमा स्थापना के साथ आजादपुर गोलचक्कर का व्यापक सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। परियोजना के तहत बेहतर लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र का विकास और आसपास के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जाएगा। साथ ही, पास स्थित फुटओवर ब्रिज (FOB) की मरम्मत कर उसे अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाएगा।
आधुनिक तकनीक से तैयार होगी प्रतिमा
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने बताया कि कांस्य प्रतिमा का निर्माण आधुनिक तकनीकों और स्वीकृत इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि उसकी गुणवत्ता और टिकाऊपन सुनिश्चित हो सके। यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, नेतृत्व और देश के प्रति उनके योगदान का प्रतीक भी बनेगी।
एक ही एजेंसी संभालेगी पूरी परियोजना
PWD ने परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया है। चयनित एजेंसी प्रतिमा का डिजाइन तैयार करने से लेकर उसके निर्माण और स्थापना तक की पूरी जिम्मेदारी निभाएगी। सरकार ने परियोजना को तीन महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
पहले भी हुए हैं प्रतीकात्मक कदम
इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित हेडगेवार आरोग्य संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का अनावरण किया था।
वहीं, भाजपा सरकार बनने के बाद दिल्ली विधानसभा परिसर में वीर सावरकर, महर्षि दयानंद सरस्वती और पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीरें भी स्थापित की गई थीं। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों की विरासत को सम्मान देना और नई पीढ़ी को उनके विचारों से परिचित कराना है।