नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। NIA की ओर से दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को हमले का मास्टरमाइंड बताया गया है। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
अदालत के इस आदेश के बाद हाफिज सईद को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही उसके खिलाफ गैरमौजूदगी में ट्रायल (Trial in Absentia) चलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।
NIA ने दाखिल की 60 पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट
मामले की जांच कर रही NIA ने कोर्ट में करीब 60 पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि पहलगाम हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठकर रची गई थी और इसमें हाफिज सईद की भूमिका सामने आई है।
NIA ने अपनी याचिका में कहा कि हाफिज सईद पाकिस्तान में मौजूद है और मौजूदा परिस्थितियों में उसे भारत लाना संभव नहीं है। एजेंसी ने अदालत से कानून के तहत उसकी गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी।
कोर्ट ने जारी किया गैर जमानती वारंट
NIA की दलीलों पर सहमति जताते हुए अदालत ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी को भारत लाने की कानूनी संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं, इसलिए न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नए कानून के तहत कार्रवाई जरूरी है।
पहले भी कई आतंकियों को बनाया गया था आरोपी
पहलगाम हमले की पहली चार्जशीट में NIA ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी को आरोपी बनाया था। इसके अलावा पाकिस्तान में बैठे लश्कर आतंकी साजिद सैफुल्ला जट्ट और पहलगाम निवासी बशीर अहमद व परवेज अहमद को भी आरोपी बनाया गया है।
क्या है ट्रायल इन एब्सेंशिया?
नए आपराधिक कानूनों के तहत ट्रायल इन एब्सेंशिया का प्रावधान किया गया है। इसके तहत यदि कोई आरोपी गंभीर अपराध में शामिल है, फरार है या जानबूझकर अदालत में पेश नहीं हो रहा है, तो पर्याप्त सबूत होने पर उसकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमे की सुनवाई की जा सकती है।
इस प्रक्रिया के लिए पहले आरोपी के खिलाफ समन और वारंट जारी करना जरूरी होता है। इसके बाद भी पेश नहीं होने पर उसे भगोड़ा घोषित किया जा सकता है और अदालत आगे की कार्रवाई शुरू कर सकती है।
क्या था पहलगाम आतंकी हमला?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।