नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे मिडिल ईस्ट को संकट में डाल दिया है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की है। दोनों देशों के बीच जारी टकराव के चलते जॉर्डन, बहरीन और कुवैत समेत कई देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। हालांकि, कई मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिए जाने का दावा किया गया है।
वहीं, अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और होर्मुज स्ट्रेट में हमले की क्षमता को कमजोर करना है।
ईरान के कई इलाकों में धमाके
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के बंदर अब्बास, किश द्वीप, बुशहर प्रांत के जम शहर और क़ेश्म द्वीप समेत कई क्षेत्रों में धमाकों की खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी है।
होर्मुज स्ट्रेट के पास तेल टैंकरों पर हमला
तनाव के बीच ईरान पर यूएई के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाने का आरोप लगा है। हमले में एक भारतीय नाविक की मौत होने और छह भारतीयों समेत आठ चालक दल सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
यूएई ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, ईरान का कहना है कि कार्रवाई केवल चेतावनी देने के उद्देश्य से की गई थी।
बहरीन में फिर गूंजे सायरन
बहरीन में एक बार फिर हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया है। देशभर में सायरन बजाए गए और गृह मंत्रालय ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
ट्रंप ने समझौते को बताया ‘टेस्ट’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) को केवल एक परीक्षा बताया। उन्होंने कहा कि ईरान इस परीक्षा में सफल नहीं रहा और समझौते की शर्तों का सम्मान नहीं किया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अंतरिम समझौते की जगह सीधे अंतिम समझौते तक पहुंचना पसंद करते।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, वहां सुरक्षा हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है।