रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में खरीफ सीजन-2026 के दौरान संभावित अल्प वर्षा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग तथा विकसित भारत-वीबी-जी राम जी योजना की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मौसम की स्थिति, खाद-बीज की उपलब्धता, जल संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था और ग्रामीण रोजगार से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में उन्हें खाद, बीज या तकनीकी सहायता की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग मिलकर प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार करें।
DAP उर्वरक की अतिरिक्त आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ को 46 हजार टन से अधिक डीएपी (DAP) की अतिरिक्त आपूर्ति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होगा और खेती की तैयारी सुचारू रूप से हो सकेगी।
वैज्ञानिक खेती और जल प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम अवधि वाली धान की किस्मों, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR), कतार पद्धति से बुवाई, बीज उपचार और नमी संरक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए जागरूक किया जाए। साथ ही उच्च भूमि क्षेत्रों में दलहन और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने वर्षा आधारित क्षेत्रों में जल स्रोतों के वैज्ञानिक प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
जल संरक्षण अभियान को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने खेत तालाब, जल संरचनाओं के निर्माण और भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने किसानों को मौसम संबंधी जानकारी देने के लिए ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
ग्रामीण रोजगार और जल सुरक्षा पर फोकस
बैठक में बताया गया कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत 1 जुलाई 2026 से क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए जो जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार दोनों को मजबूत करें।
किसानों को सख्त चेतावनी और सलाह
मुख्यमंत्री ने अमानक बीज और उर्वरकों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने किसानों से कृषि विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञों से संपर्क कर वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील की।
प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।