कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र में आज समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश किया जाएगा। राज्य सरकार ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से यह बिल लाने की तैयारी की है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने संकेत दिया है कि UCC को लागू करने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा। इससे पहले गुजरात, उत्तराखंड और असम जैसे राज्यों में भी इस कानून को लेकर पहल की जा चुकी है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने UCC के खिलाफ विधानसभा से लेकर सड़क तक विरोध करने का ऐलान किया है। उन्होंने इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई का संकेत दिया है। विधानसभा में इस बिल को लेकर राजनीतिक टकराव के आसार बढ़ गए हैं।
TMC के अलग-अलग गुट भी बिल का विरोध करने की रणनीति बना रहे हैं। दोनों गुट अपने-अपने तर्कों के साथ विधानसभा में सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
UCC के साथ विशेष सत्र में अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की जब्ती और नीलामी से जुड़े अन्य विधेयक भी पेश किए जाएंगे।
प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में समान कानून लागू करने का प्रावधान होगा। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा है कि आदिवासी समुदाय को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
विधानसभा में भाजपा के बहुमत के चलते बिल के पारित होने की संभावना मजबूत मानी जा रही है, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण सदन में हंगामा होने के आसार हैं।