सिंगापुर। सिंगापुर में काम करने वाले सैकड़ों भारतीय और बांग्लादेशी प्रवासी मजदूरों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। करीब 400 कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिला है और कुछ को रहने की सुविधा भी नहीं दी जा रही है।
मामले में सिंगापुर के श्रम मंत्रालय (Ministry of Manpower) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती शिकायतों के आधार पर तीन कंपनियों — KPA Engineering, VVR Plant Engineering और SK Industries — के खिलाफ जांच की जा रही है।
भारतीय हाई कमीशन ने बुधवार को जानकारी दी कि वह प्रभावित भारतीय श्रमिकों के संपर्क में है और उनकी मदद के लिए सिंगापुर के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों पर भारत और बांग्लादेश के 400 से ज्यादा कर्मचारियों को वेतन नहीं देने का आरोप है। कई मजदूरों ने वेतन के साथ-साथ आवास से जुड़ी परेशानियों की भी शिकायत की है।
बताया जा रहा है कि इन कंपनियों के एक कॉमन डायरेक्टर रामू पलानी वेलु हैं, जो सिंगापुर में कई कंपनियों के निदेशक बताए जाते हैं। उनके देश छोड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
भारतीय हाई कमीशन ने कहा कि वह नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस (NTUC) और सिंगापुर के श्रम मंत्रालय के साथ मिलकर प्रभावित कर्मचारियों को सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।
वहीं, प्रवासी मजदूरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।