रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी कार्ययोजना को लेकर राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने की।
बैठक में राज्य में संचालित शराब व्यसन मुक्ति अभियान की प्रगति, नशापीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास, नशामुक्ति केंद्रों के संचालन और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के संचालक श्री रणवीर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के 5 जिलों में नए नशामुक्ति केंद्र खोले जाएंगे। इनमें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा और कोरबा जिले शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नशे से प्रभावित लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
भारत माता वाहिनी योजना का होगा विस्तार
समिति ने प्रत्येक विकासखंड की एक हजार से अधिक आबादी वाली नवीन ग्राम पंचायतों में भारत माता वाहिनी के गठन और विस्तार पर चर्चा की। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक नशामुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से पहुंचाना है।
बैठक में नशापीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए संचालित 15 बिस्तरीय एकीकृत पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव भी दिया गया। इसके साथ ही जिन जिलों में नशामुक्ति केंद्र नहीं हैं, वहां जल्द स्थापना की दिशा में कार्यवाही करने पर सहमति बनी।
केंद्रों की निगरानी होगी मजबूत
नशामुक्ति केंद्रों में पारदर्शिता और बेहतर संचालन के लिए सीसीटीवी कैमरा एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इससे केंद्रों की निगरानी और जवाबदेही बढ़ेगी।
बैठक में एनसीओआरडी (NCORD) और एनएमबीए (NMBA) योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय, सामाजिक संगठनों की भागीदारी और जनजागरूकता अभियान को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए समुदाय की सहभागिता जरूरी है। पुनर्वास सेवाओं को बेहतर बनाकर और जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाकर प्रदेश में नशामुक्ति अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।