नई दिल्ली। NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले केंद्र सरकार द्वारा मैसेजिंग ऐप Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर विवाद बढ़ गया है। टेलीग्राम ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर आज सुनवाई होगी।
केंद्र सरकार ने NEET UG री-एग्जाम की सुरक्षा और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया था। इसके बाद टेलीग्राम की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
बुधवार को टेलीग्राम की ओर से यह मामला न्यायमूर्ति तेजस करिया के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है।
Google Play Store से हटाया गया ऐप
सरकार के निर्देश के बाद Google ने अपने Play Store से टेलीग्राम ऐप को हटा दिया है। वहीं, Apple द्वारा भी जल्द इस आदेश का पालन किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल एक ऐप पर प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। गलत गतिविधियों में शामिल लोग दूसरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।
15 करोड़ यूजर्स पर असर का दावा
टेलीग्राम की ओर से कहा गया है कि भारत में करीब 15 करोड़ यूजर्स इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी का कहना है कि किसी एक प्लेटफॉर्म को बंद करने के बजाय असली समस्या और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकार ने क्यों लगाया प्रतिबंध?
NEET UG री-एग्जाम से पहले सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत यह कदम उठाया है। अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा से जुड़ी फर्जी जानकारी और कथित पेपर लीक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, 21 जून को होने वाली परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा परीक्षा
NEET UG परीक्षा को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए। जांच और शिकायतों के बाद प्रभावित छात्रों को मौका देने के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
अब परीक्षा की सुरक्षा को लेकर प्रश्नपत्रों की निगरानी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण और अन्य सुरक्षा उपायों को लागू किया जा रहा है। वहीं टेलीग्राम बैन को लेकर हाईकोर्ट का फैसला अहम माना जा रहा है।