नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने टैक्स प्रशासन को और मजबूत, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाने के उद्देश्य से GST अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 जून से 26 जून तक आयोजित किया जा रहा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आधुनिक डिजिटल टूल्स, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), रिफंड प्रक्रिया, जांच तकनीक और नए कानूनी प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
यह प्रशिक्षण केंद्र सरकार के संस्थान National Academy of Customs, Indirect Taxes and Narcotics (NACIN) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज टैक्स प्रशासन केवल राजस्व जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक, कानून, डेटा विश्लेषण और जनसेवा से जुड़ी एक व्यापक व्यवस्था बन चुका है। बदलती तकनीक और टैक्स सिस्टम को देखते हुए अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण जरूरी है।
GST से जुड़े कई विषयों पर होगी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण में अधिकारियों को GST के मूल सिद्धांतों के साथ-साथ आपूर्ति, मूल्यांकन, कर चालान, GST रिटर्न, पंजीकरण प्रक्रिया और कर भुगतान जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों को इन विषयों पर विशेष प्रशिक्षण मिलेगा:
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)
- GST रजिस्ट्रेशन और रिटर्न फाइलिंग
- ई-वे बिल व्यवस्था
- रिफंड प्रक्रिया
- ऑडिट और आकलन
- कंपोजिशन योजना
- वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट और जॉब वर्क
- इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD)
डिजिटल सिस्टम और जांच प्रक्रिया पर भी फोकस
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को GST नेटवर्क (GSTN) पर व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा। इसमें रिटर्न फाइलिंग, नया पंजीकरण, संशोधन, निरस्तीकरण, बैक ऑफिस संचालन और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा जांच और प्रवर्तन से जुड़े विषयों पर भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें खुफिया जानकारी जुटाना, पूछताछ की तकनीक, निरीक्षण, तलाशी, जब्ती, गिरफ्तारी से जुड़े प्रावधान और डिजिटल जांच उपकरणों का उपयोग शामिल है।
नए कानूनों की भी दी जाएगी जानकारी
कार्यक्रम में अधिकारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रासंगिक प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों को नोटिस तैयार करने, मांग और वसूली प्रक्रिया, अपील, पुनरीक्षण, एडवांस रूलिंग और अदालतों में मामलों की पैरवी से जुड़े पहलुओं की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य GST अधिकारियों की क्षमता बढ़ाना है, ताकि दिल्ली में टैक्स व्यवस्था ज्यादा प्रभावी, पारदर्शी और लोगों के लिए आसान बनाई जा सके।