नई दिल्ली। पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पेपर लीक रोकने के लिए उठाए गए हालिया कदमों को “बेतुका” बताते हुए कहा कि सिर्फ ऐप बंद करने या पेपर ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक के असली नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
दरअसल, NEET जैसी परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक की आशंकाओं के बीच सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर अस्थायी रोक लगाने जैसे कदम उठाए हैं। इसके अलावा प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए परिवहन व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं।
केजरीवाल ने इन फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल टेलीग्राम बंद करने से पेपर लीक नहीं रुकेगा। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक एक बड़ा नेटवर्क बन चुका है और इसके पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचकर कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक की वजह से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। छात्रों और अभिभावकों को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था देने के लिए सरकार को मूल स्तर पर सुधार करने की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक का मामला बड़े पैमाने पर चलने वाला धंधा बन गया है और इसे रोकने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की।
फिलहाल पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।