यमुना बाजार के 32 ऐतिहासिक घाटों का होगा कायाकल्प, 6 महीने में शुरू हो सकता है पुनर्विकास कार्य

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के पुनर्जीवन अभियान को और गति मिलने जा रही है। यमुना बाजार क्षेत्र में स्थित 32 ऐतिहासिक घाटों के कायाकल्प की योजना जल्द जमीन पर उतर सकती है। अधिकारियों के मुताबिक अगले छह महीनों के भीतर घाटों के पुनर्विकास का काम शुरू होने की संभावना है।

यमुना पुनर्जीवन परियोजनाओं की समीक्षा को लेकर हुई बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के अधिकारियों ने यमुना किनारे चल रही परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि यमुना बाजार के घाटों के विकास के लिए इंटैक (INTACH) द्वारा विस्तृत अध्ययन कराया गया है, ताकि घाटों का पुनर्विकास ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए किया जा सके।

बाढ़ क्षेत्र में विकसित होंगे वेटलैंड

यमुना के बाढ़ क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार नदी किनारे देशी प्रजातियों के पौधे और तटीय घास लगाई गई हैं। इसके अलावा बाढ़ क्षेत्र में 35 वेटलैंड और जलाशयों का विकास किया गया है।

इन वेटलैंड से जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज, जैव विविधता संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।

1700 हेक्टेयर क्षेत्र में हुए सुधार कार्य

DDA के अनुसार यमुना किनारे करीब 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में सुधार कार्य किए गए हैं। अभियान के दौरान हजारों टन मलबा और कचरा हटाया गया है, वहीं करीब 1425 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

इसके अलावा यमुना क्षेत्र में अब तक 7 लाख से ज्यादा देशी प्रजातियों के पेड़ लगाए जा चुके हैं। प्रशासन का लक्ष्य नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बहाल करना और आसपास के पर्यावरण को मजबूत करना है।

ऐतिहासिक घाटों को मिलेगी नई पहचान

विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना किनारे के घाट दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। पुनर्विकास योजना के तहत घाटों की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, बेहतर सुविधाएं और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि यमुना सफाई अभियान में आम लोगों की भागीदारी भी अहम है। हाल ही में चलाए गए सफाई अभियान में करीब 15 हजार लोगों ने हिस्सा लिया और बड़ी मात्रा में कचरा हटाया गया।

आधुनिक मशीनों जैसे ट्रैश स्कीमर, वीड हार्वेस्टर, नावों और जेसीबी की मदद से यमुना और घाटों की सफाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि यमुना को स्वच्छ और बेहतर बनाया जा सके।

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