नई दिल्ली। पाकिस्तान की नौसेना में चीन की मदद से तैयार की गई पहली हंगोर-क्लास पनडुब्बी शामिल हो गई है। चीन से रवाना हुई यह अत्याधुनिक पनडुब्बी मलेशिया, इंडोनेशिया, सुंडा जलडमरूमध्य और श्रीलंका के रास्ते होते हुए कराची पहुंची।
कराची नौसैनिक अड्डे पर हंगोर-क्लास पनडुब्बी के पहुंचने पर स्वागत समारोह आयोजित किया गया। पाकिस्तान ने इसे अपनी नौसैनिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है।
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस मौके पर नौसेना को बधाई देते हुए कहा कि हंगोर कार्यक्रम पाकिस्तान और चीन के बीच रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।
बताया जा रहा है कि हंगोर-क्लास पनडुब्बी चीन की टाइप-039A डिजाइन पर आधारित डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन है। इसमें एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक लगी है, जिसकी मदद से यह पनडुब्बी लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकती है और अपनी मौजूदगी छिपाए रख सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान और चीन के बीच हुए समझौते के तहत पाकिस्तान को ऐसी करीब 8 पनडुब्बियां मिलने वाली हैं। यह सौदा पाकिस्तान की नौसैनिक क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती नौसैनिक गतिविधियों के बीच चीन-पाकिस्तान रक्षा सहयोग पर भारत समेत क्षेत्र के अन्य देशों की नजर बनी हुई है। चीन की ओर से पाकिस्तान को मिल रही सैन्य तकनीक को उसकी क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।