डोंगरगढ़ परिक्रमा पथ में भू-माफियाओं की एंट्री का आरोप, किसानों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के धार्मिक नगरी डोंगरगढ़ में प्रस्तावित परिक्रमा पथ परियोजना को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। करीब 8 किलोमीटर लंबे इस परिक्रमा पथ के लिए 11 किसानों की निजी जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू होते ही प्रभावित किसानों ने विरोध दर्ज कराया है।

किसानों का आरोप है कि जब क्षेत्र में सरकारी और राजस्व भूमि उपलब्ध है, तो निजी जमीन खरीदने की जरूरत क्यों पड़ रही है। इसी को लेकर किसानों ने परियोजना में भू-माफियाओं और जमीन कारोबारियों की संभावित भूमिका की जांच की मांग उठाई है।

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में ग्राम छिरपानी के 11 भू-स्वामियों की जमीन खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि कई प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक परियोजना का पूरा नक्शा नहीं दिखाया गया और यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि उनकी जमीन का कितना हिस्सा लिया जाएगा।

किसानों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों के बजाय कुछ निजी लोग और कथित जमीन कारोबारी उनसे संपर्क कर रहे हैं, जिससे मामले को लेकर संदेह बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना बताई जा रही है, लेकिन इसके रूट और तकनीकी आधार सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

प्रभावित किसानों का तर्क है कि मौजूदा पहुंच मार्गों का विकास कर या सरकारी जमीन का उपयोग कर परियोजना को पूरा किया जा सकता है। ऐसे में निजी भूमि अधिग्रहण और करोड़ों रुपये के मुआवजे की जरूरत पर सवाल उठ रहे हैं।

किसान फ़हीम अख्तर ने आरोप लगाया कि कहीं यह पूरी प्रक्रिया चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने और जमीनों के दाम बढ़ाने के उद्देश्य से तो नहीं की जा रही। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, परियोजना से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने और भूमि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे।

फिलहाल परिक्रमा पथ परियोजना विकास के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही के सवालों में घिर गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की आपत्तियों पर क्या कदम उठाता है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *