नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। पार्टी के कुछ बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर खुद को “असली TMC संसदीय समूह” के रूप में मान्यता देने की मांग करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सोमवार को स्पीकर से मुलाकात की संभावना
बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने बताया कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंप दिया है और सोमवार को मिलने का समय मांगा गया है। उनका दावा है कि 19 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं और वे इसे स्पीकर के सामने रखेंगे।
हालांकि सूत्रों के अनुसार अभी तक बैठक का समय औपचारिक रूप से तय नहीं हुआ है।
‘असली TMC’ को लेकर दावा
बागी सांसदों का कहना है कि वे ही वास्तविक तृणमूल कांग्रेस संसदीय समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसी आधार पर लोकसभा में अलग मान्यता की मांग की जाएगी। सांसद बसुनिया ने यह भी दावा किया कि समर्थन जुटाने की प्रक्रिया जून से शुरू की गई थी।
पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान
इस घटनाक्रम को तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे नेतृत्व और संगठनात्मक मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं पार्टी के ही सांसद कीर्ति आज़ाद ने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए उकसाया जा रहा है, जिसे बागी गुट ने खारिज कर दिया है।
इस्तीफों से बढ़ी सियासी हलचल
हाल के दिनों में पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें और तेज हुई हैं। कुछ सांसदों के इस्तीफे और अलग रुख अपनाने की घटनाओं ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है।
निष्कर्ष
लोकसभा में “असली TMC” की मान्यता को लेकर उठी यह मांग पार्टी के भीतर गहराते मतभेदों का संकेत मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की सियासत और अधिक गरमाने की संभावना है।