रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को लेकर सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। चार साल पहले जहां तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने फंड की कमी और योजना की धीमी प्रगति को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर इस्तीफा देने की बात कही थी, वहीं अब मौजूदा सरकार में विभागीय मंत्री विजय शर्मा ने इसी योजना में तेजी और उपलब्धियों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2022 में लिखे गए पत्र में टी.एस. सिंहदेव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फंड की कमी और ग्रामीण आवास निर्माण की धीमी गति पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया था कि जनघोषणा पत्र में किए गए वादों के बावजूद कई लक्ष्यों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई।
वहीं वर्तमान मंत्री विजय शर्मा ने अपने पत्र में दावा किया है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना को गति मिली है और लाखों लाभार्थियों तक पक्के मकान पहुंचाने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आते ही ग्रामीण आवास को प्राथमिकता दी और बड़े पैमाने पर आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू की।
विजय शर्मा के अनुसार, 14 दिसंबर 2023 की कैबिनेट बैठक में अपूर्ण आवासों सहित करोड़ों रुपये की लागत वाली विस्तृत आवास योजना को पूरा करने का संकल्प लिया गया था। इसके तहत “आवास प्लस” और अन्य श्रेणियों में शामिल लाभार्थियों के लिए तेजी से निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में पिछले ढाई वर्षों में लाखों आवास पूर्ण किए गए हैं और “मोर आवास-मोर अधिकार” अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण की रफ्तार तेज हुई है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी आभार व्यक्त किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा मामला केवल प्रशासनिक उपलब्धियों का नहीं, बल्कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बदलते राजनीतिक नैरेटिव का भी संकेत देता है, जिसमें एक ही योजना को लेकर दो अलग-अलग सरकारों के दावे सामने आ रहे हैं।