नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब बड़े सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे जवाबी अभियान बताया है।
ईरान के मुताबिक उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।
बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट को निशाना बनाने का दावा
IRGC ने दावा किया कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। ईरानी मीडिया के अनुसार, हमले में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को नुकसान पहुंचा है। हालांकि अमेरिकी पक्ष से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुवैत और जॉर्डन में भी हमले का दावा
ईरान ने कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस और जॉर्डन के एक एयरबेस को भी निशाना बनाने का दावा किया है। IRGC के मुताबिक जॉर्डन में F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और कमांड सेंटर पर हमला किया गया।
वहीं जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
अपाचे हेलीकॉप्टर विवाद से शुरू हुआ तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा तनाव की शुरुआत अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर गिरने के बाद हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने अमेरिकी हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की।
अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लेकर बंदर अब्बास तक ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाने का दावा किया था।
ईरान के कई शहरों में अमेरिकी हमले का दावा
ईरानी रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने केशम आईलैंड, सिरिक, होर्मुज प्रांत, जस्क, बुशहर, बंदर अब्बास, इस्फहान और अहवाज समेत कई इलाकों में हमले किए।
इस घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।