नई दिल्ली। दिल्ली सरकार महिलाओं और किन्नर समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। बजट में घोषित ‘दुर्गा ई-ऑटो योजना’ को जल्द लागू किया जाएगा, जिसके तहत पात्र महिलाओं और किन्नर समुदाय के सदस्यों को ई-ऑटो उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। आवेदन और पंजीकरण के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सहयोग से एक विशेष वेबसाइट विकसित की जा रही है। सभी विभागों से सुझाव और टिप्पणियां मिलने के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
पहले चरण में 1100 लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
योजना के पहले चरण में दिल्ली की 1000 महिलाओं और 100 किन्नरों को ई-ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे। इन वाहनों का रंग गुलाबी (पिंक) होगा, ताकि इन्हें आसानी से पहचाना जा सके। सरकार का उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ-साथ सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-ऑटो का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। साथ ही लाभार्थी तीन वर्षों तक आवंटित वाहन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच नहीं सकेंगे।
कैब प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी
योजना के तहत महिला और किन्नर चालकाओं को विभिन्न कैब एग्रीगेटर और राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी तैयारी की जा रही है। इससे उन्हें अधिक सवारियां मिलने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
महिलाओं के लिए संभावित पात्रता
- दिल्ली की निवासी होना आवश्यक।
- वैध वोटर आईडी कार्ड होना चाहिए।
- आयु 20 से 40 वर्ष के बीच हो।
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक व्हीकल (PV) बैज अनिवार्य।
- आवेदक या उसके परिवार के नाम पर पहले से ऑटो रिक्शा पंजीकृत न हो।
- वित्तीय वर्ष 2024-25 में परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक न हो।
किन्नर समुदाय के लिए संभावित पात्रता
- जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी ट्रांसजेंडर/किन्नर पहचान प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
- आयु 20 से 40 वर्ष के बीच हो।
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पीवी बैज अनिवार्य।
- दिल्ली का निवासी तथा वोटर आईडी धारक होना आवश्यक।
महिला सुरक्षा को भी मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली सरकार का मानना है कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिला सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। महिला चालक द्वारा संचालित ई-ऑटो में सफर करने वाली महिलाओं और युवतियों को अधिक सुरक्षित और सहज माहौल मिलेगा।
सरकार के अनुसार, यह पहल महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, उनकी सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने और सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित
होगी।