कोलकाता/कूचबिहार। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कूचबिहार जिले की मेखलीगंज नगरपालिका में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है। नगरपालिका अध्यक्ष प्रभात पाटनी समेत छह पार्षदों ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम के बाद मेखलीगंज नगरपालिका में टीएमसी का बहुमत खत्म हो गया है और कांग्रेस सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
मेखलीगंज नगरपालिका में कुल नौ वार्ड हैं। अब तक टीएमसी के पास आठ पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत था, जबकि भाजपा के पास एक सीट थी। लेकिन चेयरमैन प्रभात पाटनी और पांच पार्षदों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद नगर निकाय की राजनीतिक तस्वीर बदल गई है।
प्रभात पाटनी ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद कहा कि टीएमसी आंतरिक संघर्षों और गुटबाजी में उलझी हुई है, जिसके कारण जनता के लिए प्रभावी ढंग से काम करना मुश्किल हो गया था। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में कुछ और पार्षद भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
पाटनी ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के विकास और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस का हाथ थामा है। उनका मानना है कि राज्य और केंद्र की राजनीति में कांग्रेस विपक्ष की भूमिका को मजबूती से निभा सकती है।
इस राजनीतिक बदलाव के बाद मेखलीगंज नगरपालिका में कांग्रेस की स्थिति मजबूत हो गई है, जबकि टीएमसी को स्थानीय स्तर पर बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। राजनीतिक जानकार इसे पश्चिम बंगाल की बदलती सियासी तस्वीर का महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं।