नई दिल्ली: भारत के शेयर बाजार को एक और बड़ा झटका लगा है। ताइवान के बाद अब दक्षिण कोरिया ने भी भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का दावा कर लिया है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू 86% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई है। इसके विपरीत, भारत के शेयर बाजार में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप घटकर करीब 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गया है।
दक्षिण कोरिया के बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण वहां की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियां हैं – सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स। दोनों कंपनियों ने हाल ही में 1 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन का आंकड़ा पार किया। एआई, डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते मांग के कारण निवेशक इन कंपनियों के शेयरों में पैसा लगा रहे हैं।
भारत के शेयर बाजार की गिरावट के कारण:
- लिस्टेड कंपनियों की कमाई में गिरावट।
- विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार से पैसा निकालना; इस साल अब तक 26.4 अरब डॉलर की निकासी हुई।
- तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव।
- प्रमुख इंडेक्सों में गिरावट – सेंसेक्स में करीब 12.5% और निफ्टी में लगभग 10% की कमी।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के कारण ताइवान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। वहीं, भारत के शेयर बाजार की चमक फिलहाल फीकी पड़ गई है।
विश्लेषकों के अनुसार, अगर भारत एआई और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित करने में सफल होता है, तो भविष्य में यह स्थिति बदल सकती है।