ढाका। बांग्लादेश की सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार को बड़ा झटका देते हुए चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मामलों के मंत्री दीपेन दीवान चकमा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सरकार में शामिल बौद्ध समुदाय के एकमात्र मंत्री रहे चकमा ने अपने इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त प्रेस सचिव अतीकुर रहमान रुमोन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मंत्री दीपेन दीवान चकमा ने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंपा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि मंत्री ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारणों के चलते पद छोड़ने का निर्णय लिया।
अपने इस्तीफा पत्र में दीपेन दीवान चकमा ने लिखा कि शारीरिक अस्वस्थता के कारण वह अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी कार्यों और विकास योजनाओं की गति प्रभावित होने की आशंका थी, इसलिए उन्होंने पद छोड़ना उचित समझा।
हालांकि, उनके समर्थकों ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों को इस्तीफे की वास्तविक वजह मानने से इनकार किया है। समर्थकों का दावा है कि मंत्री ने दबाव में आकर इस्तीफा दिया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और सरकार ने भी ऐसे आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
दीपेन दीवान चकमा बांग्लादेश के बौद्ध समुदाय का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। वह वर्ष 2005 में वरिष्ठ संयुक्त जिला जज के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आए थे और बाद में BNP से जुड़ गए। हालिया चुनाव में BNP की जीत के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
उनके इस्तीफे के बाद बांग्लादेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासकर अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधित्व और सरकार के भीतर राजनीतिक संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है।