नई दिल्ली। देश के अलग-अलग शहरों में आतंकी हमलों की योजना रचने के आरोप में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो दिन पहले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े हुए थे। लेकिन इस हमले को अंजाम देने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने इनको दबोच लिया।
मुन्ना झिंगाड़ा ने संभाली थी योजना
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि इस मॉड्यूल का ऑपरेशन हेड मुन्ना झिंगाड़ा था, जो दाऊद इब्राहिम के करीबी छोटा शकील का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। जानकारी के मुताबिक मुन्ना झिंगाड़ा ने कराची में अपने सेफ हाउस से वीडियो कॉल के जरिए भारत में अंडरवर्ल्ड की नई जिहादी ब्रिगेड तैयार करने का काम संभाला।
मुन्ना झिंगाड़ा ने अपने गुर्गों को अपनी लेटेस्ट फोटो भेजी और उनकी हेरोइन की जरूरतें भी पूरी करवाई। इसके अलावा, भारत में तबाही मचाने के लिए 20 लाख रुपये की डिमांड और पाकिस्तान से लाए गए हथियार व हैंड ग्रेनेड गुरदासपुर में गिराए गए। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
अंडरवर्ल्ड की कमान मुन्ना झिंगाड़ा के हाथ में जा सकती है
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के उम्र और गिरते अपराध ग्राफ को देखते हुए अंडरवर्ल्ड ने मुन्ना झिंगाड़ा पर दांव खेला था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने उनके मंसूबों पर पहले ही पानी फेर दिया।
मुन्ना झिंगाड़ा के पुराने जुर्म और उसके पुराने सहयोगी अब भी जीवित हैं। D-कंपनी को फिर से मजबूत करने के लिए उसके पास कई मोहरे मौजूद हैं। इन मोहरों में से कुछ हुफैजा जैसे सक्रिय सदस्य मुंबई में रेड के निशाने पर हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भारत में अंडरवर्ल्ड और ISI की साजिश को समय रहते नाकाम करना बड़ी कामयाबी है।