छत्तीसगढ़: नगर पालिका परिषद आरंग में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी अब बड़े विवाद का रूप ले रही है। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शीतल चंद्रवंशी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए रायपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, CMO ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि कार्य धरातल पर सामान्य रूप से जारी हैं।
मंत्री के निर्देशों की अवहेलना और परिषद की उपेक्षा का आरोप
डॉ. जैन ने पत्र में कहा कि 08 मई को ‘सुशासन तिहार’ के तहत वार्ड 13 में आयोजित मिनी माता स्मृति भवन की समीक्षा में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत ने ठेकेदार को 2 दिनों में काम शुरू करने का निर्देश दिया था। अध्यक्ष के मुताबिक, कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो काम शुरू हुआ और न ही ठेकेदार पर कार्रवाई की गई, जिससे जनता में शासन की छवि प्रभावित हो रही है।
बजट और आवास आवंटन में देरी
वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट 31 मार्च तक पेश होना था, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण यह 27 अप्रैल को ही सामान्य सभा में प्रस्तुत हो सका। इसके अलावा एएचपी योजना के तहत आवास आवंटन जैसी प्रक्रियाओं को अध्यक्ष की अनुपस्थिति में पूरा करना भी लोकतांत्रिक प्रोटोकॉल के विरुद्ध बताया गया है।
CMO ने आरोपों को खारिज किया
मुख्य नगर पालिका अधिकारी शीतल चंद्रवंशी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मिनी माता स्मृति भवन का निर्माण कार्य धरातल पर सक्रिय रूप से चल रहा है। सेप्टिक टैंक का स्लैब डालने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि किसी भी ठेके को अचानक निरस्त करना कानूनी और तकनीकी दृष्टि से संभव नहीं है, इसलिए नियमों के तहत काम शुरू कराया गया।
प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि गतिरोध
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि बजट और आवास आवंटन जैसी प्रक्रियाओं में विभागीय स्वीकृति, सरकारी नियमों और दस्तावेजों की जांच जैसी बाध्यताएं समय लेती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया गया।
अब यह सब जिला प्रशासन के निर्णय पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्षों के बीच चल रहे इस गतिरोध को कैसे सुलझाया जाए। नगर पालिका में इस खींचतान के कारण मूलभूत विकास कार्य प्रभावित होने की संभावना भी बनी हुई है।