बकरीद से पहले ‘ट्रंप भैंसा’ की कुर्बानी पर रोक, बांग्लादेश सरकार ने नेशनल जू भेजा

ढाका। बांग्लादेश में ‘ट्रंप भैंसा’ के नाम से मशहूर दुर्लभ सफेद अल्बिनो भैंसे की बकरीद पर कुर्बानी नहीं दी गई। बकरीद से कुछ घंटे पहले ही रहमान सरकार ने इसकी कुर्बानी पर रोक लगा दी और पुलिस ने भैंसे को अपने कब्जे में लेकर ढाका स्थित नेशनल जू भेज दिया। इस अनोखे भैंसे को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा थी।

करीब 700 किलो वजनी इस दुर्लभ अल्बिनो भैंसे को ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के लिए नारायणगंज के रबेया एग्रो फार्म से खरीदा गया था। जिंजिरा के रसूलपुर इलाके के निवासी मोहम्मद शोरोन ने 23 मई को इसे लगभग 3.85 लाख टका में खरीदा था। बताया गया कि भैंसे की कीमत 550 टका प्रति किलोग्राम तय की गई थी।

भैंसे के मालिक ने बताया कि बुधवार दोपहर पुलिस उनके घर पहुंची और कहा कि सरकार ने इस भैंसे को संरक्षण में लेने का फैसला किया है। इसके बाद भैंसे को प्रशासन के हवाले कर दिया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि खरीदार को पूरी रकम मुआवजे के तौर पर वापस की जाएगी।

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भी पुष्टि की कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे लौटाए जाएंगे। फिलहाल ‘ट्रंप भैंसा’ को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है।

दरअसल, यह भैंसा अपने सफेद रंग और सिर पर मौजूद सुनहरे बालों के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आमतौर पर दक्षिण एशिया में भैंसों का रंग काला होता है, लेकिन इस भैंसे का गोरा रंग और सिर पर सुनहरे बालों का गुच्छा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने इसे ‘डोनाल्ड ट्रंप भैंसा’ नाम दे दिया।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और वीडियो क्रिएटर्स ने इस भैंसे को और अधिक लोकप्रिय बना दिया, जिसके बाद इसकी चर्चा बांग्लादेश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होने लगी। बकरीद से पहले इसकी कुर्बानी की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थे।

अब सरकार के हस्तक्षेप के बाद यह अनोखा भैंसा नेशनल जू में रखा गया है, जहां लोगों के लिए इसे आकर्षण का केंद्र माना जा रहा है।

’ की कुर्बानी, बांग्लादेश सरकार ने नेशनल जू भेजा

ढाका। बांग्लादेश में ‘ट्रंप भैंसा’ के नाम से मशहूर दुर्लभ सफेद अल्बिनो भैंसे की बकरीद पर कुर्बानी नहीं दी गई। बकरीद से कुछ घंटे पहले ही रहमान सरकार ने इसकी कुर्बानी पर रोक लगा दी और पुलिस ने भैंसे को अपने कब्जे में लेकर ढाका स्थित नेशनल जू भेज दिया। इस अनोखे भैंसे को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा थी।

करीब 700 किलो वजनी इस दुर्लभ अल्बिनो भैंसे को ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के लिए नारायणगंज के रबेया एग्रो फार्म से खरीदा गया था। जिंजिरा के रसूलपुर इलाके के निवासी मोहम्मद शोरोन ने 23 मई को इसे लगभग 3.85 लाख टका में खरीदा था। बताया गया कि भैंसे की कीमत 550 टका प्रति किलोग्राम तय की गई थी।

भैंसे के मालिक ने बताया कि बुधवार दोपहर पुलिस उनके घर पहुंची और कहा कि सरकार ने इस भैंसे को संरक्षण में लेने का फैसला किया है। इसके बाद भैंसे को प्रशासन के हवाले कर दिया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि खरीदार को पूरी रकम मुआवजे के तौर पर वापस की जाएगी।

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भी पुष्टि की कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे लौटाए जाएंगे। फिलहाल ‘ट्रंप भैंसा’ को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है।

दरअसल, यह भैंसा अपने सफेद रंग और सिर पर मौजूद सुनहरे बालों के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आमतौर पर दक्षिण एशिया में भैंसों का रंग काला होता है, लेकिन इस भैंसे का गोरा रंग और सिर पर सुनहरे बालों का गुच्छा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने इसे ‘डोनाल्ड ट्रंप भैंसा’ नाम दे दिया।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और वीडियो क्रिएटर्स ने इस भैंसे को और अधिक लोकप्रिय बना दिया, जिसके बाद इसकी चर्चा बांग्लादेश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होने लगी। बकरीद से पहले इसकी कुर्बानी की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थे।

अब सरकार के हस्तक्षेप के बाद यह अनोखा भैंसा नेशनल जू में रखा गया है, जहां लोगों के लिए इसे आकर्षण का केंद्र माना जा रहा है।

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