नासिक | महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों को लेकर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। नासिक के चांदवड और आसपास के इलाकों में किसानों ने बड़ा प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
किसानों का उग्र आंदोलन
किसानों का कहना है कि कड़ी मेहनत से उगाई गई प्याज का बाजार भाव इतना कम है कि उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। इसी मुद्दे पर नासिक में किसानों ने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘रास्ता रोको’ आंदोलन कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
24 रुपये प्रति किलो MSP की मांग
प्रदर्शनकारी किसानों की मांग है कि प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कम से कम 24 रुपये प्रति किलो तय किया जाए और बेची गई प्याज पर 15 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दी जाए। किसानों का कहना है कि मौजूदा कीमतें उन्हें भारी नुकसान में डाल रही हैं।
राजनीतिक रंग भी चढ़ा आंदोलन पर
इस आंदोलन को विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (महाविकास अघाड़ी) के कई नेताओं का समर्थन मिला। प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेता और कार्यकर्ता किसानों के साथ सड़कों पर उतरे, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ नेताओं को हिरासत में भी लिया।
अन्य जिलों में भी असर
यह विरोध केवल नासिक तक सीमित नहीं रहा। सोलापुर और छत्रपति संभाजीनगर में भी किसानों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए हाईवे जाम किए। कई जगहों पर किसानों ने गले में प्याज की माला पहनकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सरकार पर बढ़ा दबाव
किसानों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्याज उत्पादकों के इस उग्र विरोध ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
निष्कर्ष
प्याज की कीमतों को लेकर शुरू हुआ यह आर्थिक आंदोलन अब राजनीतिक रूप भी लेता जा रहा है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति और किसान दोनों मोर्चों पर तनाव बढ़ गया है।