पंजाब | बलात्कार और हत्या के मामलों में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 30 दिन की पैरोल मिल गई है। 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से यह 16वीं बार है जब राम रहीम जेल से बाहर आया है। ताजा पैरोल के बाद वह कुल 436 दिन जेल से बाहर रह चुका होगा, जिसे लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है।
राम रहीम फिलहाल हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद है। मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे उसे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल से बाहर निकाला गया। इसके बाद पंजाब और हरियाणा पुलिस के काफिले के साथ उसे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय ले जाया गया, जहां वह पैरोल अवधि के दौरान रहेगा।
इस साल यह दूसरी बार है जब राम रहीम को पैरोल मिली है। इससे पहले जनवरी 2026 में उसे 40 दिनों की पैरोल दी गई थी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में वह 406 दिन जेल से बाहर रह चुका था और अब यह आंकड़ा बढ़कर 436 दिन हो जाएगा। यानी सजा के दौरान वह एक साल से ज्यादा समय जेल के बाहर बिता चुका है।
राम रहीम को 2017 में अपने आश्रम की दो महिला अनुयायियों से रेप के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 2019 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में भी उसे दोषी ठहराया गया। वहीं अपने पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी उसे उम्रकैद की सजा मिली हुई है।
राम रहीम को लगातार मिल रही पैरोल पर विपक्षी दल लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं। आरोप है कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों में चुनावों के दौरान उसे बार-बार पैरोल देकर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश की जाती है। इन राज्यों में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की बड़ी संख्या मानी जाती है।
हालांकि सरकार और प्रशासन का कहना है कि पैरोल कानूनी प्रक्रिया के तहत दी जाती है। लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि गंभीर अपराधों में दोषी व्यक्ति को इतनी बार जेल से बाहर आने की अनुमति कैसे मिल रही है।