नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पहली बार स्मार्ट पोल-माउंटेड डस्ट कलेक्टर मशीनें लगाई गई हैं। इस नई तकनीक की शुरुआत पश्चिमी दिल्ली के कीर्तिनगर इलाके से की गई है, जहां पायलट प्रोजेक्ट के तहत 21 मशीनें स्थापित की गई हैं।
ये मशीनें स्ट्रीट लाइट के पोल पर लगाई गई हैं, जिससे इनके लिए अलग जगह की जरूरत नहीं पड़ती। यह फिल्टर-लेस तकनीक पर आधारित सिस्टम है, जो हवा में मौजूद धूल और धुएं के कणों को खींचकर उन्हें साफ करता है और शुद्ध हवा वापस छोड़ता है।
जानकारी के मुताबिक, एक मशीन एक घंटे में करीब 3 लाख लीटर हवा को साफ कर सकती है। इसमें लगा कलेक्शन बॉक्स प्रदूषक कणों को इकट्ठा करता है और जब यह भर जाता है तो कंट्रोल सेंटर को ऑटोमैटिक अलर्ट भेजा जाता है।
इकट्ठा किए गए प्रदूषक कणों को आगे प्रोसेस कर ईंट बनाने में इस्तेमाल करने की योजना भी है। फिलहाल यह सिस्टम बिजली से चल रहा है, लेकिन भविष्य में इसे सोलर एनर्जी से संचालित करने की तैयारी है।
यह प्रोजेक्ट IIT दिल्ली के इनोवेशन चैलेंज के तहत चुना गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे दिल्ली के अन्य इलाकों में भी बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकता है।
दिल्ली सरकार का दावा है कि यह तकनीक स्थानीय स्तर पर प्रदूषण कम करने में मददगार साबित हो सकती है और राजधानी की हवा को साफ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।