भारत | थाईलैंड ने भारतीय यात्रियों को बड़ा झटका देते हुए Visa-Free Entry सुविधा खत्म कर दी है. अब भारतीय नागरिकों को थाईलैंड में प्रवेश के लिए ‘वीजा ऑन अराइवल’ (VoA) प्रक्रिया से गुजरना होगा. थाई सरकार ने 19 मई को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया.
कोरोना महामारी के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए थाईलैंड ने भारतीय पर्यटकों को वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा दी थी, जिसका भारतीय बड़ी संख्या में फायदा उठा रहे थे. लेकिन अब भारत को थाईलैंड की Visa-Free Entry List से हटा दिया गया है.
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, कैबिनेट ने देश की वीजा छूट और VoA व्यवस्था में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है. नए नियमों के तहत 93 देशों और क्षेत्रों के लिए लागू 60 दिनों की वीजा-फ्री योजना समाप्त कर दी गई है. साथ ही Visa on Arrival की पात्र देशों की सूची को 31 से घटाकर सिर्फ 4 देशों तक सीमित कर दिया गया है.
भारत अब उन चार देशों में शामिल है जिन्हें संशोधित VoA श्रेणी में रखा गया है. भारत के अलावा अज़रबैजान, बेलारूस और सर्बिया को भी इस सूची में शामिल किया गया है.
थाई विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो यात्री पुराने नियमों के तहत पहले से थाईलैंड में मौजूद हैं या नए नियम लागू होने से पहले यात्रा की योजना बना चुके हैं, वे अपनी निर्धारित अवधि पूरी होने तक वहां रह सकेंगे.
बताया गया है कि ये नए नियम थाईलैंड के शाही राजपत्र यानी Royal Gazette में प्रकाशित होने के 15 दिन बाद लागू होंगे.
नई व्यवस्था के तहत अब अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर समेत 54 देशों के नागरिकों को 30 दिनों की वीजा छूट मिलेगी. वहीं सेशेल्स, मालदीव और मॉरीशस के नागरिकों के लिए अलग 15 दिन की वीजा-फ्री सुविधा जारी रहेगी.
थाईलैंड सरकार ने इस फैसले के पीछे विदेशी नागरिकों से जुड़ी अवैध गतिविधियों को वजह बताया है. पर्यटन मंत्री सुरासाक फंचारोएनवोराकुल के अनुसार, हाल के महीनों में ड्रग्स तस्करी, सेक्स ट्रैफिकिंग और बिना अनुमति होटल व स्कूल चलाने जैसे मामलों में कई विदेशियों की गिरफ्तारी हुई थी. इसके बाद वीजा नियमों को सख्त करने का फैसला लिया गया.