‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर का दावा- धमकी देकर BJP जॉइन करने को कहा गया

कॉकरोच जनता पार्टी | सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें व्हाट्सऐप पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं और उन पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाया गया. दिपके ने यह भी कहा कि उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाया जा रहा है.

अभिजीत दिपके के मुताबिक, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स (X) अकाउंट पहले ही बंद कर दिया गया था और अब इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक हो गया है. उन्होंने दावा किया कि उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक कर लिया गया है और बैकअप सोशल मीडिया अकाउंट्स तक हटा दिए गए हैं.

सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दिपके ने लिखा कि फिलहाल उनकी टीम की किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच नहीं है और इस दौरान किए गए किसी भी पोस्ट को पार्टी का आधिकारिक बयान न माना जाए. उन्होंने इसे “कॉकरोच जनता पार्टी पर कार्रवाई” बताया.

दरअसल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का यह ऑनलाइन अभियान हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा. इसकी शुरुआत उस विवाद के बाद हुई, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर बहस छिड़ी थी. सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि सुनवाई के दौरान ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को गलत संदर्भ में पेश किया गया और वह फर्जी डिग्री के जरिए कानूनी पेशे में आने वालों के लिए थी.

इसके बावजूद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया पर मीम्स, व्यंग्य और राजनीतिक कटाक्ष के जरिए तेजी से वायरल हो गई. इस अभियान में बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को व्यंग्यात्मक अंदाज में उठाया जा रहा था. दिपके ने खुद इसे “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताया था.

बताया जा रहा है कि लॉन्च के कुछ ही दिनों में पार्टी के X अकाउंट पर करीब 1.93 लाख फॉलोअर्स हो गए थे, जबकि इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या करोड़ों में पहुंच गई थी. सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता ने इसे अचानक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया.

30 वर्षीय अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं. उन्होंने पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद अमेरिका की Boston University से पब्लिक रिलेशंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. वे पेशे से पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट हैं और डिजिटल राजनीतिक अभियानों पर काम कर चुके हैं.

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