कोलकाता / अयोध्या | पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुवेंदु अधिकारी के व्यक्तिगत सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है। पहले इस मामले में गिरफ्तार राज सिंह को अब गलत पहचान में गिरफ्तार बताया गया है और पुलिस ने उसे रिहा कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यूपी पुलिस की गलती के कारण राज सिंह को गिरफ्तार किया गया था। असली आरोपी को बाद में पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी का क्रम
* कोलकाता पुलिस ने बक्सर से दो अन्य आरोपी विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को गिरफ्तार किया।
* इन दोनों से पूछताछ के बाद ही राज सिंह को 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया।
* जांच में पता चला कि राज सिंह की गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर हुई थी। वीडियो में राज सिंह ने धमकी देते हुए कहा था कि “जय श्रीराम, बहुत जल्द ही हर सवाल का जवाब दिया जाएगा।”
हत्या की घटना
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में हुई।
* रात 10:30 बजे, चंद्रनाथ की कार का पीछा करने वाली कार ने उन्हें ओवरटेक किया।
* इसके बाद एक बाइक सवार ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
* अपराधियों ने 10 राउंड फायरिंग की, जिसमें चंद्रनाथ रथ के सीना, सिर और पेट में कई गोलियां लगीं।
* पांच गोलियां केवल सीने में लगीं और एक पेट में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
* उनके ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड भी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज जारी है।
हथियार और जांच
* हमले में ऑस्ट्रेलियन ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल बताया गया है।
* जांचकर्ताओं का कहना है कि हथियार की पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही संभव होगी।
* घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद हुई हैं।
चंद्रनाथ रथ कौन थे?
चंद्रनाथ रथ लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के भरोसेमंद सहयोगी रहे और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे।
बीजेपी की सीनियर नेता किया घोष ने कहा कि चंद्रनाथ रथ को उनकी राजनीतिक भूमिका के कारण निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, “चंद्रनाथ ने सुवेंदु अधिकारी के लिए कई वर्षों तक मेहनत की। यह हत्या अचानक नहीं हुई, इसके पीछे राजनीतिक रंजिश हो सकती है।”
इस केस में अब **मुख्य आरोपी राज सिंह** गिरफ्तार हो चुका है और पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है।