दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को जारी किया नया नोटिस, शराब नीति केस में CBI की याचिका पर सुनवाई तेज

दिल्ली |  दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक को नया नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह आदेश CBI की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें निचली अदालत द्वारा आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है।

मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज जैन की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने गौर किया कि तीनों नेता लगातार पेश नहीं हो रहे हैं। कोर्ट को बताया गया कि पिछली तारीखों पर भी वे उपस्थित नहीं हुए थे। इसके बाद अदालत ने CBI को निर्देश दिया कि सभी प्रतिवादियों को यह जानकारी दी जाए कि मामला अब नई बेंच के पास ट्रांसफर हो चुका है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, “एक-दो दिन आगे-पीछे होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जब सभी पक्ष यहां मौजूद होंगे, तभी उनकी बात सुनी जा सकेगी।” कोर्ट ने यह भी कहा कि मामला पहले से सार्वजनिक चर्चा में है, इसलिए यह मानने का आधार है कि संबंधित पक्षों को केस ट्रांसफर होने की जानकारी है।

CBI ने अपनी याचिका में फरवरी में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए डिस्चार्ज आदेश को चुनौती दी है। एजेंसी का कहना है कि आबकारी नीति मामले में गंभीर आरोप लगाए गए थे और चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद आरोपियों को राहत देना कानून की कसौटी पर सही नहीं ठहराया जा सकता।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि सभी पक्षों को पहले ही नोटिस तामील कराया जा चुका है। उन्होंने दलील दी कि यह मामला दिल्ली में हुए कथित बड़े घोटाले से जुड़ा है और इसकी जल्द सुनवाई जरूरी है।

वहीं प्रतिवादियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शदान फरासात ने CBI की याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुनर्विचार याचिका दाखिल करने वाले वकीलों की वैधानिक स्थिति पर पहले फैसला होना चाहिए।

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 मई तय की है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिवादी अगली तारीख से पहले अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं।

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