कबीरधाम समीक्षा बैठक में राज्यपाल का बड़ा संदेश, हर जिले की हो अलग पहचान

रायपुर। रमेन डेका ने कबीरधाम जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर वर्षा जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना जरूरी है, तभी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को भूजल संकट से बचाया जा सकेगा।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष कवर्धा में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा और पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी मौजूद रहीं।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि वर्षा जल प्रकृति का मुफ्त उपहार है, जिसे सहेजकर न केवल वर्तमान जरूरतें पूरी की जा सकती हैं बल्कि भूजल स्तर को भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक पक्के भवन और प्रधानमंत्री आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने और बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सिर्फ पौधरोपण ही नहीं, बल्कि पौधों का संरक्षण भी जरूरी है ताकि जिले का फॉरेस्ट कवर बढ़ सके। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर पौधे लगाने पर जोर दिया।

बैठक में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने, किसानों को प्रशिक्षण देने, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा हाइड्रोपोनिक्स और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

पीएम जनमन योजना  की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने टीबी मरीजों के उपचार, पोषण आहार उपलब्ध कराने और गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

राज्यपाल ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा All India Institute of Medical Sciences (एम्स) के साथ एमओयू किया गया है, जिसके तहत मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक में राज्यपाल ने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव से स्थापित हो सके। उन्होंने अधिकारियों से जनजीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्य करने का आह्वान किया।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *