नई दिल्ली | पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती तेल कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब अधिकारियों और नेताओं पर भी दिखने लगा है। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को गाड़ी छोड़कर साइकिल से एनडीएमसी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “अगर देश का हर नागरिक अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव लाए, तो बड़े स्तर पर ईंधन की बचत की जा सकती है।”
भाजपा के नेताओं में भी पीएम की अपील का असर दिखाई दे रहा है। दिल्ली में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने साइकिल से कार्यालय पहुँचकर लोगों को संदेश दिया कि छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का इस्तेमाल पेट्रोल-डीजल बचाने और स्वास्थ्य बेहतर रखने के लिए जरूरी है।
हरियाणा में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपनी पत्नी के साथ ट्रेन से कुरुक्षेत्र का सफर किया और वहां से साइकिल से गुरुकुल पहुंचे। हरियाणा के मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि पीएम मोदी ने खुद अपने काफिले को छोटा करके उदाहरण पेश किया है और अब राज्य के मंत्री भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कदम न केवल पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने में मदद करेंगे बल्कि पर्यावरण संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल नागरिकों और नेताओं दोनों को जागरूक करने का प्रयास है, ताकि ईंधन की बचत और सतत विकास की दिशा में देश को प्रेरित किया जा सके।