मोहला-मानपुर | जिले का वनांचल क्षेत्र इन दिनों एक बार फिर बाघ की दहशत में है। एक ओर जंगलों में तेंदूपत्ता तोड़ाई का सीजन जारी है, वहीं दूसरी ओर बाघ की मौजूदगी ने तेंदूपत्ता संग्राहकों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और जंगल में कई स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
दरअसल, 11 और 12 मई की दरमियानी रात मानपुर दक्षिण वन परिक्षेत्र के औंधी इलाके के ग्राम निडेली के पास जंगल में एक पालतू गाय का शिकार कर लिया गया था। घटनास्थल पर मिले पगमार्क स्पष्ट नहीं थे, जिसके कारण यह तय नहीं हो पा रहा था कि हमला किस वन्य प्राणी ने किया। इसके बाद वन विभाग ने इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए, लेकिन शुरुआती जांच में कोई तस्वीर सामने नहीं आई।
14 मई को वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ दोबारा जंगल में सर्च अभियान चलाया। देर शाम महाराष्ट्र सीमा के पास एक तालाब के आसपास बड़े आकार के पगमार्क मिले, जिन्हें बाघ के पगचिह्न माना गया। इससे प्राथमिक तौर पर साफ हो गया कि गाय का शिकार बाघ ने ही किया है।
जिले के डीएफओ दिनेश पटेल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि तालाब के आसपास तीन अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा जिस जगह गाय का शिकार हुआ था, वहां भी कैमरे लगाए गए हैं ताकि बाघ की तस्वीर और उसकी गतिविधियों की जानकारी मिल सके।
वन विभाग के अनुसार आशंका है कि बाघ औंधी क्षेत्र के महाराष्ट्र सीमा से लगे गांवों के आसपास विचरण कर रहा है। इससे तेंदूपत्ता संग्राहकों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि यह क्षेत्रीय लोगों की आय का प्रमुख स्रोत है। बावजूद इसके ग्रामीण डर के माहौल में जंगलों में तेंदूपत्ता तोड़ने पहुंच रहे हैं।
डीएफओ ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। विभाग ने यह भी कहा है कि गाय के मालिक को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
वन विभाग के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में इलाके के जंगलों में बाघ और तेंदुए की गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं। पहले भी ट्रैप कैमरों में बाघ और तेंदुए की तस्वीरें कैद हो चुकी हैं। इसी कारण ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।