छत्तीसगढ़ में बड़ी पहल: सिकल सेल मरीजों के लिए बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

छत्तीसगढ़ | स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छत्तीसगढ़ में सिकल सेल रोगियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य में सिकल सेल संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी। इसके लिए 85 करोड़ रुपए (8,509 लाख रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई, जिसे वित्त विभाग ने भी अनुमोदित किया।

सिकल सेल क्या है?

सिकल सेल एक गंभीर अनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें लाल रक्त कणिकाएं असामान्य आकार की हो जाती हैं। इससे शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित होता है और मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

केंद्र की विशेषताएं

  • संस्थान में उच्च स्तरीय आधुनिक लैब का निर्माण किया जाएगा, जिससे त्वरित और सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध होगी।
  • विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, ब्लड ट्रांसफ्यूजन सुविधा, और जेनेटिक काउंसलिंग जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
  • नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग और वाहक दंपतियों की काउंसलिंग के जरिए रोकथाम और जागरूकता पर भी जोर दिया जाएगा।

मंत्री का संदेश

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल इलाज में मदद करेगा, बल्कि सिकल सेल उन्मूलन अभियान को भी नई गति देगा।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *