मुंबई | महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शाहजाद भट्टी और डोगर गैंग से जुड़े कथित फ्रीलांस मॉड्यूल के खिलाफ राज्यभर में 40 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई को अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है।
मुख्य तथ्य:
- एटीएस ने मुंबई के सांताक्रूज, अंधेरी, घाटकोपर और मलाड के साथ-साथ ठाणे, कल्याण, नालासोपारा और मीरा रोड में छापे मारे। पुणे, नागपुर, नाशिक, मालेगांव और छत्रपति संभाजीनगर में भी जांच टीम सक्रिय रही।
- कम से कम 53 संदिग्धों की पहचान की गई और उनसे पूछताछ की जा रही है।
- एटीएस ने कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
नेटवर्क का modus operandi:
- शाहजाद भट्टी और उसका गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए युवाओं से संपर्क कर उन्हें गैंगस्टर जीवन और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की ओर आकर्षित करता था।
- ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर युवाओं तक पहुंच बनाई जाती थी और उन्हें धीरे-धीरे कट्टरपंथ और अपराध की ओर प्रवृत्त किया जाता था।
- यह नेटवर्क “फ्रीलांस मॉड्यूल” के रूप में संचालित होता था, ताकि अलग-अलग सेल एक-दूसरे के बारे में ज्यादा जानकारी न रखें और पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क सामने न आए।
जांच एजेंसियों का दावा:
- शाहजाद भट्टी लाहौर का निवासी है और कथित तौर पर ISI का करीबी माना जाता है।
- दुबई से भारत में हथियार तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली जैसी गतिविधियों का संचालन करता था।
- हाल ही में गाजियाबाद में CCTV जासूसी मामले में भी उसके नेटवर्क का नाम सामने आया था।
एटीएस की रणनीति:
जांच एजेंसियां नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने और इसके हर लिंक को खत्म करने में जुटी हैं। उनके अनुसार, समय रहते यह ऑपरेशन युवाओं को कट्टरपंथ और अपराध की गिरफ्त से बचाने में अहम साबित होगा।