चेन्नई | तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने अपने निजी ज्योतिषी पंडित रिकी राधा वेत्रीवेल को ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के पद से हटा दिया है। पंडित रिकी को मुख्यमंत्री कार्यालय में मंगलवार को OSD नियुक्त किया गया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई।
फैसले का कारण
- निजी ज्योतिषी को सरकारी पद पर नियुक्त करने के कारण मुख्यमंत्री विजय अपने सहयोगियों और विपक्ष के निशाने पर आ गए थे।
- तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास होने के कुछ घंटे बाद यह निर्णय लिया गया।
- सरकार के प्रधान सचिव ने पत्र जारी कर पंडित रिकी की OSD नियुक्ति को रद्द किया।
विपक्ष और नेताओं की प्रतिक्रिया
- VCK नेता थोल. तिरुमावलवन, DMDK नेता प्रेमलता और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार की आलोचना की।
- विपक्ष का कहना था कि सरकारी पद पर नियुक्ति योग्यता और नियमों के आधार पर होनी चाहिए, न कि निजी पसंद या व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर।
- सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा और आलोचना हुई।
फ्लोर टेस्ट के दौरान उठे सवाल
- फ्लोर टेस्ट से पहले मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि पंडित रिकी हमारी पार्टी के प्रवक्ता रहे हैं, इसलिए उनकी नियुक्ति की गई।
- स्टेट सेक्रेटरी पी शनमुगम ने कहा कि सरकारी खर्च पर किसी ज्योतिषी को नियुक्त करना अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला कदम है और इसे रोकने की जिम्मेदारी सरकार की है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विजय के निजी ज्योतिषी को OSD बनाने का विवाद अब समाप्त हो गया है। इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी पदों पर नियुक्ति नियम और योग्यता के आधार पर होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत पसंद के आधार पर।