रायपुर |रायपुर में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित कार्यशाला में व्यापारियों और पेशेवरों को नवीन आयकर अधिनियम 2025 के प्रमुख प्रावधानों और बदलावों से अवगत कराया गया। मुख्य वक्ता, अजमेर से आए टैक्स एक्सपर्ट और आईसीएआई के पूर्व क्षेत्रीय परिषद सदस्य सीए अंकित सोमानी ने बताया कि नया कानून कर अनुपालन को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए ‘प्रिजम्पटिव टैक्सेशन’ की सीमा बढ़ाई गई है और ऑडिट नियमों में सरलता लाई गई है। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के कारण विभाग अब वित्तीय लेनदेन पर बारीकी से नजर रखेगा। उन्होंने व्यापारियों को अपने डिजिटल फुटप्रिंट्स और वित्तीय आंकड़ों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
सीए सोमानी ने यह भी बताया कि फॉर्म 15जी और 15एच की जगह अब एकीकृत फॉर्म 121 लाया गया है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी। साथ ही, छोटी-मोटी तकनीकी गलतियों पर पहले की तुलना में कम कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे, जिससे ईमानदार करदाताओं को राहत मिलेगी। यह नया कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि कानून की सही जानकारी व्यापारियों के लिए आवश्यक है, ताकि वे अनजाने में गलती न करें और निर्भय होकर व्यापार संचालित कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से व्यापारी बेहतर टैक्स प्लानिंग कर कानूनी उलझनों से बच सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने नकद लेनदेन, टीडीएस कटौती और अन्य कर संबंधित विषयों पर सीए सोमानी से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर चेम्बर के कई पदाधिकारी और प्रतिष्ठित व्यापारी मौजूद रहे, जिनमें महामंत्री अजय भसीन , कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया , वाइस चेयरमैन चेतन तारवानी , कार्यकारी अध्यक्ष राधाकिशन सुंदरानी सहित अन्य शामिल थे।
कार्यशाला का उद्देश्य व्यापारियों को नवीन कानून से जागरूक और सशक्त बनाकर डिजिटल इंडिया के दौर में कर अनुपालन को सरल और पारदर्शी बनाना बताया गया।